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A collection of all some of our events and special occasions. 

ACHIEVEMENTS OF AHLCON HEIGHTS IN TAEKWONDO

  Students are encouraged to participate in physical activities by Ahlcon Heights International School
in order to enhance and build collaboration, responsibilities, challenges, and a competitive spirit.

Athletics are a vital component of a students’ development and aid in the evolution of one’s mental and physical well-being. Participating in sports and extracurricular
activities can help students learn a range of skills, gain experiences, and gain confidence, all of which can help them develop their personalities.

Sports, in the viewpoint of Ahlcon Heights International School, is an aid in students’ development in a number of ways. Ahlconic Stars are instructed in a variety of qualities that benefit them in every game and in everyday life. Ahlcon Heights International School recently competed in numerous taekwondo contests and won numerous medals.

Under the expert training of our very talented Taekwondo Instructor: Mr. Faizan Khan, Ahlconic stars have put a lot of effort into sports. They competed on behalf of Ahlcon Heights International School in events including the Vidhayak Cup, the Taekwondo demonstration on January 26, the Independence Cup on August 15, the Divisional Taekwondo tournament, SGFC divisional matches and many more.

The Ahlconic stars made Ahlcon Heights International School proud by winning numerous medals and certificates in all of the tournaments. Eight of our Ahlconic Stars obtained medals at the District level SGFI tournament and were also chosen for the State level SGFI event in taekwondo which is to be held in Sehore, M.P. They even got 11 medals in the Divisional tournament held on August 15th,2022.

Ahlcon Heights International school offers a variety of extracurricular activities, sports, competitions, indoor and outdoor games to give the kids a well-rounded education and because of their achievements in sports and extracurricular activities, our kids have earned a name for themselves making everyone around them proud!

विचारों की पाठशाला

मनुष्य जाति का अन्य सभी जीव-जंतुओं से भिन्न होने का मुख्य कारण है विचारों की सृजना ।
मनुष्य को पता है क्या अच्छा है ?
क्या बुरा है ? क्या सही है ? क्या गलत है ?
वो जानता है कि किसके साथ कैसे व्यवहार करना है ?
समाज में कैसे रहना है ?

मनुष्य के पास किसी भी चीज का चुनाव करने की क्षमता है, उसके आने वाले कल की डोर उसके स्वयं के हाथों में है
कहीं – न – कहीं उसे इस बात का अंदाजा रहता है कि उसका आज उसके नजदीकी भविष्य को तय कर रहा है।
और यह पूरी प्रक्रिया अगर किसी बात पर निर्भर करती है तो वह है उसका स्वस्थ तन ।
ग्रीक विद्वान अरस्तू का मानना है कि -“स्वस्थ तन में स्वस्थ मन का सृजन होता है।”(creation of sound mind in sound body)
और भारतीयों का तो कहना है-“पहला सुख निरोगी काया।”
अर्थात् स्वस्थ तन ही स्वस्थ मन का जनक है जो आशावादी विचारों के आसमान में दिमाग की स्वतंत्र, प्रगतिशील यात्रा करवाता है।

सूक्ष्म स्तर पर देखें तो किसी भी शैक्षिक संस्थान का मूल काम स्वस्थ तन में स्वस्थ मन का सृजन कर सकारात्मक दृष्टिकोण वाले दिमाग का विकास करना है। स्कूल इस श्रेणी में प्रथम स्थान पर आते है। ‘एलकॉन हाईट्स’ ऐसा ही स्कूल है जहाँ पर विद्यार्थी को ‘स्वस्थ तन व स्वस्थ मन’ का पाठ पढ़ाया जाता है । सकारात्मक दिमाग के लिए यह जरूरी है कि विद्यार्थी का तन स्वस्थ रहे जो अच्छा व पौष्टिक खाने के साथ -साथ खेल-कूंद जैसी क्रियाओं पर निर्भर करता है।
‘एलकॉन हाईट्स’ में समय – समय पर होने वाले प्रोग्राम जैसे खेल-कूद प्रतियोगिताएँ, योगा शिविर, समर कैंप, तायक्वोंडो क्लासेस आदि इसी फ्रेम में काम करते है कि विद्यार्थी के तन के साथ -साथ उसका मन भी स्वस्थ रहे जिससें वो अच्छे , सकारात्मक, प्रगतिशील विचारों का सृजन कर समाज,देश के भविष्य को उज्ज्वल बनाये । स्वस्थ दिमाग विचारों की पाठशाला है,जब वह सकारामक परिवेश में होता है।विद्यार्थी के लिए सबसे अधिक सकारात्मक परिवेश स्कूल में ही होता है जो उसे परिवार की सीमित व समाज की बृहृत स्थितियों में ताल-मेल बिठाना सिखाता है।
‘एलकॉन हाईट्स’ मूल स्तर पर विद्यार्थियों के ‘विचारों की क्रॉस स्कूलिंग’ पर काम करता है जिसके अंतर्गत स्कूल न केवल विधार्थियों को अच्छी शिक्षा प्रदान करता है बल्कि निरंतर रूप से अलग – अलग प्रतियोगिताओं, शिविरों व खेल कक्षाओं (तायक्वोंडो) के माध्यम से विद्यार्थी के दिमाग को अलग-अलग स्तर पर खोलने का प्रयास करता है उसे पहेली या प्रतियोगिता के माध्यम से नये विचारों को सृजन करने का समय देते है जो दिमाग के सर्वांगीण विकास का अहम हिस्सा है। स्कूल में होने वाली इन सभी क्रियाओं का अंश आप स्कूल वेबसाइटhttps://ahlconsagar.com/ पर देख सकते है।
स्वस्थ दिमाग मनुष्य को जिज्ञासु बनाता है ,उसमें नयी चीजे करने की उत्सुकता को बढ़ाता है ऐसे में मनुष्य को सही गलत की राह दिखाना व उसे सकारात्मक दृष्टिकोण पर लेकर आना एक बड़ी जिम्मेदारी का काम होता है जिसे शिक्षक बड़ी समझदारी से निभाता है। सर्वांगीण विकास से ईमानदार रवैया विद्यार्थी के मन में आशावादी सोच को जन्म देता है ।’एलकॉन हाईट्स’ का सकारात्मक परिवेश व उच्च शिक्षित स्टाफ विद्यार्थी को सही ढंग से जीवन जीने का तरिका सिखाते है।स्कूल का प्रगतिशील वातावरण विद्यार्थी में नये स्तर पर बढ़ने का जोश पैदा करता है । विद्यार्थी के अरमानों की उड़ान स्कूल से शुरु हो जाती है जिसमें वह अनेक पडावों को दृढ़ता के साथ पार करते हुए आगे बढ़ता रहता है |

आज युवा दिमाग बहुत तेजी से विकसित हो रहा है और नयी चीजों को जल्दी से ग्रहण कर लेता है। भौतिक तकनीकी के युग में युवा शरीर की शारीरिक क्रियाएं लगभग समाप्त होने लगी है आज सब कुछ मोबाईल फॉन से उपलब्ध हो जाता है इस तकनीकी सुख ने मनुष्य जीवन को आलसी बना दिया है आज की मानसिकता –
“हाथ -पैर हिलाना नहीं अच्छा
मर जाना पर उठके जाना नहीं अच्छा ।”

हो गई है ।जो प्राचीन भारतीय संस्कृति में अस्तित्व नहीं रखती , यहां का मनुष्य कर्म प्रिय था पर आज का युवा इन सब मशीनों से इतना घिर गया है कि अब वह अपने समाज, सांस्कृतिक परिवेश से कहीं – न – कहीं कटा हुआ महसूस करता है किंतु’एलकॉन हाईट्स’ विद्यार्थियों को समाज से जोड़ते हुए सांस्कृतिक मूल्यों का भान करवाकर नवीन व प्राचीन सभ्यता में सामंजस्य के साथ रहना सिखाती है जिसका प्रमाण हम स्कूल में निरंतर होने वाले सांस्कृतिक प्रोग्रामों में पाते है इन क्रियाकलापों की और अधिक जानकारी हमारे स्कूल की वेबसाइट पर प्राप्त कर सकते है|

‘विचारों की कुंजी स्वास्थ्य दिमाग’ सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ काम कर सकता है यदि वह एक स्वस्थ शरीर में मौजूद हो –
” स्वस्थ दिमाग स्वस्थ विचारों का सृजन करता है।”

हिंदी हैं हम ...

मानव एक सामाजिक प्राणी है और समाज में रहने एवम् दूसरों से ताल -मेल बनाने के लिए भाषा सबसे उपयुक्त माध्यम हैं-“व्यक्ति के विचार विनिमय का माध्यम है भाषा।”परंतु भाषा केवल विचारों तक ही सीमित नहीं होती अहसास,भावनाएं, संवेदनाएं इसे जीवंत बनाते है| बच्चा जब कोई शब्द अपनी माँ से सुनता है तो वह उसे पकड़ लेता है और जीवन भर उसे नहीं भूलता है, ‘लोरी’ हर किसी के बचपन की सुंदर स्मृति है जिसे मां अपनी भाषा में , ‘मातृभाषा’ में सुनाती है और हिंदुस्तान के तो नाम में ही ‘हिंदी ‘ हैं ।
यूँ तो यहां के हर कुनबे , गांव, शहर की अलग भाषा है अधिकारिक तौर पर भारत में २२भाषाओं को मान्यता मिली हुई है किंतु ‘विविधता में एकता’ भारत की शान है भाषाई तौर पर एकता का परचम हिंदी ने ही लहराया है।
“भारत मां की भाल पर सजी स्वार्णिम बिंदी हूँ
मैं भारत की बेटी आपकी अपनी हिंदी हूँ॥”

हर वर्ष 14 सितंबर को ‘हिंदी दिवस’ मनाया जाता है क्योंकि सन् 1949 में इसी दिन हिंदी को ‘राजभाषा’ का दर्जा दिया गया था ।हिंदी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए सन् 1953 में सर्वप्रथम’14 सितंबर’को’हिंदी दिवस’का आयोजन किया गया जो आज तक निरंतर चलती आ रही परंपरा है।हिंदी दिवस पर स्कूल, कॉलेज आदि शिक्षण संस्थाओं में हिंदी पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाती है इस मौके पर हिंदी को लेकर विभिन्न प्रतियोगिताएं होती है जिसमें छात्र-छात्राएं सक्रिय रूप से भाग लेते हैं ।हमारी स्कूल ‘एलकॉन हाइट्स ‘ में भी इस प्रकार की बहुत सारी प्रतियोगिताएं आयोजित की गई जिससे कि विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति सम्मान का भाव जागृत हो।

हिंदी केवल एक भाषा नहीं है यह हमारे एहसासों को प्रकट करने का एक माध्यम है आज अंग्रेजी भाषा ने अपना वर्चस्व स्थापित कर रखा है और हिंदी कहीं पीछे छूटती जा रही है जो हमेशा हृदय में शूल की तरह चुभती है। हर भाषा को सम्मान देना भारतीयों का आदर्श है किंतु हिंदी से भारतीयों को एक अलग ही लगाव है और इस प्रेम को आज का विधार्थी और अधिक गहरा कर सकता है।

हिंदी भाषा एक भाव है जो – किसी स्कूल में ‘क’ से ‘कबूतर’ व किसी अंग्रेज के मुंह से टूटा-फूटा ‘न-म-स्टे’ सुनकर हर किसी के मन में एक हल्की सी मुस्कान ले आता है ।किंतु उसी समय एक सच्चे हिंदुस्तानी का कर्तव्य होता है कि वह टूटे – फूटे नमस्ते को हिंदी भाषा में पूर्ण रूप में उच्चारण करके उसे सही करें | हर भाषा का ज्ञान लो पर हिंदी का सम्मान करना सीखो , विद्यार्थीयों के बीच हिंदी को लेकर अलग -अलग प्रतियोगिताएं करवाई गई,उन्हें हिंदी के महत्व से अवगत कराया साथ ही जो विद्यार्थी हिंदी में शेरो – शायरी या अन्य किसी प्रकार का लेखन करता हो तो उसे और अधिक अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया ।

‘एलकॉन हाईट्स’ऐसा स्कूल है जो विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ – साथ आचार व्यवहार, भारत के प्रति गौरव व अपनी मातृभाषा के प्रति सम्मान करना सिखाता है। गांधी जी ने सही कहा था कि “हृदय की कोई भाषा नहीं है हृदय हृदय से बातचीत करता है और हिंदी ह्दय की भाषा है।” इसी को साकार करते हुए 14 सितंबर के उपलक्ष पर आपके अपने स्कूल ‘एलकॉन हाइट्स’ में हिंदी दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर –
1.श्री मनीष भट्ट, जिला न्यायाधीश/सचिव
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,सागर
2. श्री राहुल सोनी,
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी
जिला न्यायालय, सागर
3. श्री योगेश बंसल
जिला विधिक सहायता अधिकारी, सागर

उपस्थित होकर विद्यार्थियों की हौसला अफजाई की । विद्यार्थियों के मध्य चित्रकारी , सलोगन आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की गई है,इसकी और अधिक जानकारी आप https://ahlconsagar.com/ पर प्राप्त कर सकते है ।
आयोजित प्रतियोगिता में सभी विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए अपनी – अपनी कलाओं का स्वस्थ प्रदर्शन करके’हिंदी दिवस’ के प्रोग्राम को सफल बनाया, साथ ही अपनी मातृभाषा हिंदी के प्रति गौरवान्वित महसूस करते हुए समाज में संदेश दिया कि –
“हिंदी मेरा इमान है
हिंदी मेरी पहचान है
हिंदी हूं मैं वतन भी मेरा
प्यारा हिंदुस्तान है।”

‘एलकोन हाईट्स’ ऐसा स्कूल है जो विद्यार्थियों का सर्वांगिण विकास करता है। विद्यार्थियों के शत प्रतिशत परिणाम के साथ – साथ , स्कूल उनको एक अच्छा नागरिक भी बनाता है जिसका प्रमाण हमें कक्षा 12 की छात्रा यशस्वी पटेरिया(प्रथम स्थान ), कक्षा 12 की ही छात्रा मानसी पटेल( दूसरा स्थान) तथा कक्षा 9 का छात्र अमन खान (तीसरा स्थान ) देते हैं , इन्होंने हिंदी दिवस पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेकर स्कूल का नाम गौरवान्वित किया।
हिंदी ‘ इण्डो- यूरोपीयन’ भाषा परिवार की सदस्य है जो हिंदुस्तानी का मानकीकृत रूप है। हिंदी उत्तर भारत में बोली जाने वाली एक भाषा है जो पूरे विश्व में तीसरे स्थान पर है (लगभग 70 करोड़ मिलियन लोगों द्वारा बोली जाती है) । आज सभी लोगों को एकजुट होकर हिंदी के विकास को एक नये आयाम तक पहुंचाना होगा। हिंदी भाषा के विकास और विलुप्त होने से बचाने के लिए यह अनिवार्य है जिसका एक छोटा सा नमूना हमें स्कूल के प्रतिभामान बच्चों ने दिया –
“बोलो सब एक जबान
हिंदी हिंदू हिंदुस्तान “

विषय चुनाव : उज्जवल भविष्य की ओर

हर इन्सान का एक सपना होता है, कोई न कोई मुकाम होता है जिस पर आने वाले भविष्य में वह खुद को खड़ा देखता है । इस मंजिल की ओर जाने वाली डगर की पहली निर्णयात्मक सीढ़ी ग्याहरवीं कक्षा से शुरु होती है। दसवीं कक्षा पार करते  ही विद्यार्थी अपने आने वाले भविष्य,अपने लक्ष्य को लेकर सचेत होने लगता है ऐसे में विद्यार्थी के मन में घबराहट , उलझन, अनिश्चितता जैसे भाव आना स्वभाविक है किंतु सही विषय का चुनाव , भविष्य की  डगर को ना केवल सरल बनाता है बल्कि विद्यार्थी को उसके उचित मुकाम तक भी पहुंचाता है ।

            विषयी चुनाव में दो बातें सहायक होती है –

     1) विद्यार्थी का आत्मविश्लेषण (अर्थात् विद्यार्थी की रुचि , उत्सुकता,  दक्षता – क्षमता ,व्यक्तित्व, पसंद  आदि किस विषय की ओर अधिक है।)

     2) आजीविका( करियर ) से संबंधित कार्य – विश्लेष्ण( अर्थात् जो मुकाम विद्यार्थी को हासिल करना है उसकी प्रकृति क्या है, उसके लिए कैसी परीक्षाएँ देनी होगी , किस तरह से पढ़ना होगा)

     साथ ही एक बात का हमेशा ख्याल रखना चाहिए कि जिस विषय का चुनाव आप अभी कर रहे है , भविष्य में उसमें कितनी संभावनाएं होगी।

  ११ वीं कक्षा में विद्यार्थी को मुख्य रूप से तीन विषयों में से किसी एक का चुनाव करना होता है जो उसे आने वाले भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, पॉलिटिशियन, जनसेवा अधिकारी, प्रोफेसर ,साइक्लोजिस्ट , गणितज्ञ, पायलेट, डान्सर, अभिनेता  आदि जो भी विद्यार्थी बनना चाहता हो , उसके लक्ष्य को पूरा करें। यह विषय इस प्रकार है –

 1) कला संकाय ( आर्ट्स) – हिंदी साहित्य, अंग्रेजी साहित्य, राजनैतिक  विज्ञान( पॉलिटिकल साइंस), मनोविज्ञान, जर्नलिज्म, मीडिया, ह्यूमन साइक्लोजी, इतिहास , भूगोल( ज्योग्राफी) , सोशलॉजी आदि ।

 2) वाणिज्य संकाय( कॉमर्स) – लेखांकन, बिजनेस स्टेडीज, फाइनेंस, बैंकिंग, इन्फॉरमेटिक  प्रैक्टिसेस, अर्थशास्त्र आदि ।

 3) विज्ञान संकाय( साइंस) – भौतिक विज्ञान + रसायन विज्ञान + जीव विज्ञान = PCB

भौतिक विज्ञान + रसायन विज्ञान + गणित = PCM

आप इन विषयों के बारे में और अधिक जानकारी https://ahlconsagar.com यहाँ पा सकते है।

सही विषय के चुनाव के साथ ही आवश्यक होता है आपके स्कूल का परिवेश। आप जिन विषयों को पढ़कर अपना लक्ष्य पाना चाहते हैं उस विषय के लिए  पर्याप्त सामग्री है या नहीं। मानिये जैसे आपने कोई प्रेक्टिकल वाला विषय चुना हो किंतु आपके स्कूल में उसके लिए पर्याप्त प्रयोगशाला कक्ष नहीं है और ना ही सामग्री उपलब्ध है तो आपको बहुत परेशानियां हो सकती है। इसलिए पर्याप्त सामग्री , अच्छा शिक्षक समूह, स्कूल का सकारात्मक परिवेश बहुत जरूरी होता है | आपको यह सारी सुविधाएं ‘AHLCON HEIGHTS INTERNATIONAL SCHOOL, SAGAR ‘  में उपलब्ध करवाई जायेगी , इसके साथ ही अन्य क्रियाकलाप जैसे सामूहिक अध्ययन, विद्यार्थी समूह में चर्चा , खेल प्रतियोगिता जैसी व्यक्तित्व निर्माण में सहायक क्रियाऐं भी निरंतर आपको करवाई जायेगी। अन्य सारी जानकारी इच्छुक विद्यार्थी स्कूल की वेबसाइट  https://ahlconsagar.com/ पर देख सकते हैं।

     ” शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिये कर सकते है।”

             सही विषय का चुनाव व उचित स्कूल  निश्चित ही विद्यार्थी की राह को आसान बनाकर उसे मंजिल तक पहुंचाता है । विषय का चुनाव कभी भी बाहरी परिवेश के दबाव में न आकर अपनी अभिरुचि के अनुसार किया जाना चाहिए । इन्सान को हमेशा पढ़ते रहना चाहिए –

         ” किताबों में इतना खजाना छुपा है , जितना कोई लुटेरा कभी लूट नहीं सकता ।”

इच्छुक विद्यार्थी  ‘AHLCON HEIGHTS INTERNATIONAL SCHOOL’  में आकर सही विषय स्कूल के सकारात्मक , प्रमुदित पारिवेश तथा कुशल शिक्षको से शिक्षा ग्रहण कर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते है। विद्यार्थी को सफल व्यक्ति बनाना ही स्कूल का  लक्ष्य है।

Independence Day, 2022

Every Indian celebrates Independence Day on August 15th because it marks the day that our country became Independent, Sovereign, Secular, Democratic and free of colonial rule. Since then, INDIA has demonstrated its potential in all industries including education, sports, cultural diversity and science. Our nation celebrated its 75th Independence Day or as we call it AZADI KA AMRIT MAHOTSAV this year. Ahlcon Heights International School proudly commemorated the occasion with the presence of Mrs. Aanushree Shalendra Jain as our chief guest. 

The chief guest presided over the flag-raising ceremony, participated in the lamp-lighting ritual and witnessed the singing competition and fancy-dress show put on by our Ahlconic Stars. Following all of the events, our primary guest congratulated the Ahlconic team and our beloved Ahlconic stars. We were all really happy to participate in the 75th Independence Day celebration in the campus of Ahlcon Heights International School, Sagar.

We wish each and every soul in our country a very happy Independence Day.

Interschool Sahodaya Debate Competition, 2022

We were honoured to have our inaugural Sahodaya event on the grounds of Ahlcon Heights International School. The opportunity to welcome the CBSE schools to the Sahodaya Interschool Debate Competition, 2022 was much appreciated by the entire Ahlcon Heights family.

On July 22nd,  2022 this renowned competition was attended by Ahlcon Heights International and 19 other elite CBSE schools from the Sagar district.

With a royal TEEKA ceremony and a plant seedling as a welcome gift, Ahlcon Height International School gave a traditional greeting to all of its visitors. This was done in keeping with the school’s 2022–23 motto, “Build green, Live green, Breathe green.”

Mr. AP Singh, a member of the Madhya Pradesh Electricity Board, was the honoree.

The debate’s judges, who exercised excellent judgment, were

Dr. Nilima Pimpalapure, an honorary instructor at a reputable school with thirty years of expertise in the classroom. She provides kids with free information as part of her social work.

Dr. Dimple Dubey is a lecturer at the prestigious Dr. Hari Singh Gour Central University’s department of English and other European languages.

Dr. Alka Kumar is an assistant professor of English at a higher education institution in MP. She is also a master facilitator and coordinator at the state level.

Vatsalya Senior Sec. School was recognised as the finest team among the competing teams and Anupriya Goswami was named the junior division’s outstanding speaker.

Divyansh Pandey of Greatmen International School took first place in the senior division.

All of the contestants and the winners are congratulated by Ahlcon Heights International School for their exceptional work. The management also extends its gratitude to the honoured visitor and the esteemed judges for spending their valuable time and being present.

Eid al-Adha

Eid al-Adha commemorates the sacrifice of Ismail, Ibrahim’s son, as an act of devotion to Allah’s command, as he was about to do so God provided an alternative. This shows us that God will not allow us to lose our valuable assets. Food and sweets are then consumed among relatives and friends to celebrate the occasion. 

Ahlcon Heights International School, one of the greatest institutions in Sagar, fosters religious pluralism and therefore celebrated Eid with a play about a grandson bringing a gift to his grandma. Our Ahlconic Stars enthusiastically engaged in the skit. Our Ahlconic Staff also contributed by putting their heart and soul into the success of this event. 

As one of the top schools, we attempt to preach the concept of sharing and assisting the poor, because every religion says that God wants us to share the riches he has supplied to mankind. Our Ahlconis Stars are trained to do the same and are encouraged to practice both on and off-campus.

On Eid-ul-Adha, Ahlcon Heights International School wishes that Allah accepts your good deeds and sacrifices, alleviates your sufferings, and forgives your transgressions.

International Yoga Day

“Through practice comes Yoga, Through Yoga comes Knowledge, Through Knowledge comes Love, Through Love comes Bliss.”

Ahlcon Heights International family wishes everyone a very happy and healthy International Yoga Day.

Yoga is an ancient practice for achieving mental, physical, and spiritual well-being. Yoga is a term that originated in India and is taken from Sanskrit, which means “to unify.” Unity denotes the ultimate unification of body and consciousness, resulting in eternal serenity. Every year on the 21st of June, there is a special day to commemorate International Yoga Day. 

The United Nations General Assembly (UNGA) officially acknowledged this day on December 11, 2014. On September 27, 2014, our Prime Minister, Mr. Narendra Modi, presented the concept of an international yoga day. Mr. Modi chose June 21 as the date since it is the longest day of the year in the northern hemisphere and has particular significance in many regions of the world. On June 21, 2015, the inaugural International Yoga Day was observed.

Ahlcon Heights International School wishes that everyone is healthy following the COVID incident. Our Ahlconic Stars, like the rest of the globe, enjoyed International Yoga Day. With the presence of our esteemed visitors-

  • Mrs. Priyanka Samaiya – Guest of Honour
  • Mr. Prashant Samaiya – Chief Guest

           (Akhil Bhartiya Digambar Jain Youth Council National President)

  • Mr. Aditya Prajapati – Distinguished guest

           (Certified Yoga and Zumba instructor)

Amidst the presence of our distinguished visitors, Ahlconic personnel and Ahlconic Stars practiced yoga with Mr. Aditya Prajapati. The management staff enthusiastically engaged in the activities, making the occasion joyful and successful.

A note from the Director: 

Yoga is the key to living a healthy and wealthy life; continue to practice yoga to stay healthy.

Diversity and Inclusivity at Ahlcon

‘Diversity is not about how we differ. It is about embracing one another’s uniqueness

On our campus, Ahlcon Heights International School supports diversity and inclusion. People must be aware that they live in a multicultural country where everyone is accepted for who they are, regardless of caste, religion, or gender.

Children seek to make fun of other pupils based on their looks, mannerisms, use of spectacles, and a variety of other factors. Every Ahlconic Star on campus is trained to embrace differences in pupils and to treat them as if they were one of them. So that everyone may learn the notion of diversity at a young age, which will help them become decent human beings as well as good citizens of the country.

Ahlcon Heights International School with an inclusive orientation is the most effective means of combating discriminatory attitudes, creating welcoming communities, building an inclusive society, and achieving education for all; additionally, we provide effective education to the majority of children while improving the efficiency and, ultimately, the cost-effectiveness of the entire education system. 

Individual differences, WE believe, should be viewed as possibilities for enriching learning rather than as problems to be solved.

Every person has the right to be included in everything in a democratic government, regardless of caste, gender, race, or birthplace. As a teaching institute, we want to instil qualities of diversity and inclusion in our Ahlconic stars for the benefit of future generations.

World Environment Day

 “Let’s nurture the nature so that we can have a better future.”

We live in a magnificent environment created by Mother Nature; we use all the resources of mother nature available and enjoy nature’s stunning and mesmerising vistas. It is our responsibility to use it wisely and sustainably. The Ahlcon Heights International School, being one of the greatest schools in Sagar, takes a step ahead in conserving the beautiful environment by practicing and instructing our Ahlconic stars and staff about the means to do so. 

In our school’s premises, we both advocate and implement some environment friendly methods, such as-

  1. We use rainwater gathered in the school’s drip irrigation system and other horticultural operations. 
  2. The management took this precaution to save water, and the maintenance crew ensures that all faucets, pipelines, and other fixtures are leak-free.
  3. The Ahlconis Stars are advised to keep the premises clean, and they have formed the practice of throwing all rubbish in the waste container, where it may be recycled at the school or handed to the sanitation authorities. 
  4. Organic waste is recycled on campus by turning it into manure for the plants. 

And the solid and non-biodegradable garbage is collected and recycled by government-authorized personnel. 

  1. The usage of paper is being decreased by attempting to adopt IT solutions, resulting in less paper waste. 

 

The Ahlcon Heights International School staff is completely dedicated to conserving Mother Nature, and we all work together to conserve non-renewable resources such as water, coal, and so on. Rather, we use renewable resources such as sunlight to create solar power, which may partially replace electricity and so minimizes the consumption and waste of electricity.

The Ahlcon Heights International School’s campus is clean and beautiful, with trees and plants; we also encourage our Ahlconic Starts to plant trees on and off-campus. On this World Environment Day, the Ahlconic Family wishes everyone a healthy, green, and clean future.

Getting inspired by the thought of conserving nature, we kept the theme of the academic year 2022/23 as:-

Build green- To get fresh air back.

Live green- To get the pure environment back.

Breathe green- To get a pure life back.

#onlyoneEarth

1st Parents Teacher Meeting

Computer Lab